RC ट्रांसफर क्यों जरूरी है?

मेरा अनुभव जो आपको नहीं दोहराना चाहिए

मैं आपको अपना एक वाकया बताता हूं। 2022 में मैंने अपनी पुरानी Honda Activa बेची थी। खरीदार ने कहा, "भैया, RC बाद में करवा लेंगे, पहले गाड़ी दे दो।" मैंने सोचा कोई बड़ी बात नहीं, पैसे मिल गए और गाड़ी चली गई। लेकिन 6 महीने बाद मुझे RTO से एक नोटिस मिला - 8,500 रुपये का चालान! उस स्कूटर से किसी ने सिग्नल तोड़ा था और over-speeding की थी। मैंने जब खरीदार को फोन किया तो उसका नंबर बंद मिला।

मुझे ना सिर्फ वो चालान भरना पड़ा, बल्कि RC ट्रांसफर करवाने के लिए खरीदार को ढूंढने में महीनों लग गए। उस दिन मैंने समझा कि गाड़ी बेचना सिर्फ पैसों का लेन-देन नहीं, बल्कि कानूनी जिम्मेदारी से मुक्ति पाना है।

जब आप अपना वाहन बेचते हैं, तो कानूनी रूप से नए मालिक के नाम पर RC ट्रांसफर करना अनिवार्य है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो:

  • ट्रैफिक चालान: वाहन पर लगने वाले सभी जुर्माने सीधे आपके नाम आएंगे
  • दुर्घटना की जिम्मेदारी: अगर उस गाड़ी से कोई एक्सीडेंट होता है, तो पहली लीगल नोटिस आपके पास आएगी
  • आपराधिक मामले: यदि वाहन किसी अपराध में इस्तेमाल होता है, तो पुलिस पहले आपसे पूछताछ करेगी
  • भविष्य की परेशानी: नई गाड़ी खरीदते समय या लोन लेते समय आपको दिक्कतें आ सकती हैं

याद रखें: RC पर जिसका नाम है, कानून की नजर में वही गाड़ी का असली मालिक है, चाहे गाड़ी किसी और के पास हो।

आवश्यक दस्तावेज़:

  • मूल RC (Original Registration Certificate) - दोनों पेज
  • Form 29 - विक्रेता द्वारा भरा और साइन किया हुआ (Notice of Transfer of Ownership)
  • Form 30 - क्रेता और विक्रेता दोनों द्वारा संयुक्त रूप से भरा गया (Application for Transfer of Ownership)
  • वैध बीमा की कॉपी - खरीदार के नाम ट्रांसफर हो या नई पॉलिसी
  • वैध PUC सर्टिफिकेट - 6 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए
  • खरीदार का पता प्रमाण - आधार कार्ड, वोटर ID, या पासपोर्ट
  • खरीदार का पैन कार्ड - सेल्फ अटेस्टेड कॉपी
  • दोनों के पासपोर्ट साइज फोटो - 2-2 फोटो
  • बिक्री का प्रमाण - Sale deed या बिल (अगर उपलब्ध हो)

राज्य के भीतर RC ट्रांसफर की प्रक्रिया:

Step 1: विक्रेता और क्रेता दोनों को एक साथ Form 29 और Form 30 भरकर साइन करने होंगे। दोनों फॉर्म RTO की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

Step 2: सभी जरूरी दस्तावेजों की self-attested कॉपियां तैयार करें। मूल दस्तावेज़ भी साथ रखें verification के लिए।

Step 3: Parivahan Sewa पोर्टल पर जाएं। "Vehicle Related Services" में "Transfer of Ownership" विकल्प चुनें।

Step 4: अपने राज्य और RTO को सेलेक्ट करें, फिर वाहन नंबर और chassis number डालें।

Step 5: सभी दस्तावेज़ PDF format में स्कैन करके अपलोड करें। प्रत्येक फाइल 2MB से कम होनी चाहिए।

Step 6: ऑनलाइन फीस का भुगतान करें (आमतौर पर ₹300-500 के बीच)। Payment gateway के माध्यम से डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से भुगतान करें।

Step 7: कुछ RTO में आपको appointment के साथ दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए जाना पड़ता है। Appointment slip जरूर प्रिंट कर लें।

समयावधि: पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 7-15 दिन लगते हैं। नया RC आपके registered address पर डाक द्वारा भेजा जाएगा।

एक राज्य से दूसरे राज्य में RC ट्रांसफर:

अगर आप वाहन को दूसरे राज्य में ले जा रहे हैं (उदाहरण: दिल्ली से महाराष्ट्र), तो प्रक्रिया थोड़ी अलग है:

पहला कदम - NOC लें: सबसे पहले अपने मूल RTO से "No Objection Certificate" (Form 28) प्राप्त करना होगा। इसके लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि:

  • गाड़ी पर कोई बकाया चालान या tax नहीं है
  • सभी dues clear हैं
  • Hypothecation (लोन) clear है या बैंक की NOC है

दूसरा कदम - नए राज्य में रजिस्ट्रेशन: NOC मिलने के 14 दिनों के भीतर आपको नए राज्य के RTO में जाकर re-registration के लिए आवेदन करना होगा। इसमें लगेगा:

  • Road tax (नए राज्य के हिसाब से)
  • Registration fees
  • नया नंबर प्लेट (नए राज्य का code)

खास बात: Inter-state transfer में आमतौर पर 3-4 हफ्ते लग सकते हैं और खर्च भी ₹5,000-15,000 तक आ सकता है, गाड़ी की कीमत पर निर्भर करते हुए।

प्रो टिप्स मेरे अनुभव से:

  • Cash की बजाय चेक/ऑनलाइन: Payment का डिजिटल proof रखें
  • Form 29 तुरंत भेजें: गाड़ी बेचने के 14 दिनों के अंदर RTO को Form 29 submit कर दें, भले ही खरीदार बाद में transfer करवाए
  • SMS confirmation: Transfer होने पर आपको SMS मिलेगा - वो सेव करके रखें
  • Agent से बचें: Online process इतना आसान है कि agent की जरूरत नहीं

याद रखें, RC transfer में थोड़ा समय और पैसा लगता है, लेकिन भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है। गाड़ी बेची = RC ट्रांसफर जरूरी!